उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचने और मन पर कंट्रोल रखने की सलाह दी है। उन्होंने बेंगलुरु के एक कार्यक्रम में युवाओं से 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए पूरी ईमानदारी और मेहनत से काम करने को कहा।
बेंगलुरु: उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन आज बेंगलुरु में सीएमआर इंस्ट्रीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के रजत जयंती समारोह में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने युवाओं को जीवन में आगे बढ़ने के लिए कई जरूरी मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को नशे जैसी बुरी आदतों से पूरी तरह दूर रहना चाहिए और सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी बहुत सावधानी से करना चाहिए। उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि अगर मन पर नियंत्रण हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
असफलता से न डरें, मेहनत पर भरोसा रखें
श्री राधाकृष्णन ने छात्र-छात्राओं से बात करते हुए कहा कि लाइफ में कभी भी असफलताओं से हार नहीं माननी चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, यह केवल ईमानदारी, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता से ही मिल सकती है। उपराष्ट्रपति के अनुसार, शिक्षण संस्थानों का असली काम सिर्फ पढ़ाई कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार नागरिक बनाना और उनका चरित्र विकास करना है। उन्होंने मास्टरों से भी कहा कि वे बच्चों का सही मार्गदर्शन करें।
2047 के विकसित भारत का सपना
उपराष्ट्रपति ने गर्व से कहा कि भारत अब सिर्फ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं कर रहा, बल्कि अब वह इसे बनाने वाले देश के रूप में उभर रहा है। उन्होंने युवाओं में जोश भरते हुए कहा कि साल 2047 तक देश को विकसित भारत बनाने का सपना उन्हीं के कंधों पर है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी पूरी ऊर्जा देश को आगे ले जाने में लगाएं। इस कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति की बातों ने वहाँ मौजूद छात्रों को काफी प्रभावित किया।



