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अभियान संवेदना के तहत दुष्कर्म के आरोपी को चौकी खरसिया पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा न्यायिक रिमांड पर

1002230536 अभियान संवेदना के तहत दुष्कर्म के आरोपी को चौकी खरसिया पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा न्यायिक रिमांड पर

17 अगस्त, रायगढ़ । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर अभियान संवेदना  के तहत महिला एवं बालिका संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई करते हुए खरसिया पुलिस ने नाबालिग बालिका (17.6 माह) से दुष्कर्म के आरोपी रितेश कुमार पटेल (25 वर्ष), निवासी ग्राम औरदा, थाना मालखरीदा, जिला सक्ती को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

अपराध के संबंध में दिनांक 16 जुलाई 2026 को पुलिस चौकी खरसिया में एक महिला ने अपनी बेटी के साथ आरोपी रितेश पटेल द्वारा शारीरिक शोषण एवं दुष्कर्म किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार वर्ष 2025 में खरसिया में रहने के दौरान पीड़िता की पहचान आरोपी से हुई थी। आरोपी खरसिा में टेंट लगाने का काम करता था और उसने पीड़िता को मोबाइल एवं सिम दिया था, जिससे दोनों के बीच बातचीत होती थी। आरोप है कि आरोपी ने पीड़िता को शादी का झांसा देकर टेंट हाउस में बुलाया और उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया। इसके बाद बोतल्दा पहाड़ घूमने के बहाने ले जाकर भी दुष्कर्म करने का आरोप है। बाद में आरोपी पीड़िता को अपने गांव औरदा ले गया और कुछ दिन अपने घर में रखने के बाद उसे घर से निकाल दिया।

मामले में थाना सक्ती में अपराध दर्ज किया गया था।  चौकी खरसिया में डायरी प्राप्त होने पर चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। पीड़िता का महिला पुलिस अधिकारी एवं न्यायालय के समक्ष कथन कराया गया तथा उसकी निशानदेही पर घटनास्थल का निरीक्षण कर नक्शा तैयार किया गया। पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी की पतासाजी शुरू की और उसे उसके मामा के घर ग्राम नावानारा कल्ला, थाना सक्ती से अभिरक्षा में लिया। पूछताछ के बाद आरोपी को थाना खरसिया के अपराध क्रमांक 364/2026 धारा 64 (2) (M) बी.एन.एस. 6 पाक्सो एक्ट में विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

एसडीओपी खरसिया श्री सतीश भार्गव के मार्गदर्शन पर त्वरित कार्रवाई में चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी, आरक्षक धनंजय कश्यप, कृति सिदार एवं गोविंद बनर्जी की अहम भूमिका रही।