भारत के राशन सिस्टम में एक बड़ा अपडेट आने वाला है. राशन की दुकानों से अनाज लेने के बजाय, अब सरकार सीधे बैंक खातों में कैश ट्रांसफर करेगी. पूरी डिटेल यहां जानिये
अगर आपके पास राशन कार्ड है और हर महीने सरकार से मिलने वाली फ्री राशन योजना के लाभार्थी हैं तो आपके लिए यह बेहद जरूरी सूचना है. दरअसल, केंद्र सरकार राशन की जगह अब नकद देने की योजना बना रही है. कुछ जगहों पर इसे लेकर पायलट प्रोजेक्ट शुरू भी कर दिया गया है. हालांकि सोशल मीडिया पर खबरें चल रही हैं कि अब किसी को अनाज नहीं मिलेगा. ऐसी खबरों से सावधान रहें. क्योंकि अनाज मिलना जारी रहेगा, बस भुगतान और वितरण का तरीका डिजिटल किया जा रहा है. आइये आपको इस योजना की पूरी डिटेल बताते हैं और इसके लिए कौन योग्य होगा, ये भी जानिये
अनाज की जगह ‘e-RUPI’ या कैश
सरकार पारंपरिक राशन वितरण प्रणाली (PDS) को और आधुनिक बनाने के लिए e-RUPI (डिजिटल वाउचर) का इस्तेमाल करने जा रही है. चंडीगढ़ जैसे शहरों में इसका सफल परीक्षण शुरू हो गया है. यहां लाभार्थियों को अब अनाज के लिए लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ता, बल्कि उनके मोबाइल पर एक डिजिटल वाउचर या खाते में पैसे भेजे जाते हैं. इसका मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि लाभार्थी अपनी पसंद का गुणवत्तापूर्ण अनाज बाजार से खरीद सके
कौन होगा एलिजिबल?
इस योजना का लाभ अभी पूरे देश में एक साथ लागू नहीं है, लेकिन इसके पात्र वही लोग होंगे जो NFSA (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम) के अंतर्गत आते हैं.
अंत्योदय अन्न योजना (AAY): सबसे गरीब परिवार (Poorest of the poor).
प्राथमिकता वाले परिवार (PHH): वे परिवार जो राज्य सरकार द्वारा निर्धारित आय सीमा के नीचे हैं.
आय सीमा (ताजा अपडेट): दिल्ली जैसे राज्यों में अब 1.20 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले परिवार भी राशन कार्ड और इस कैश स्कीम के पात्र होंगे.
अनिवार्यता: आपके राशन कार्ड का Aadhaar Seeded (आधार से लिंक) होना और एक सक्रिय बैंक खाता होना अनिवार्य है.
मिलने वाली राशि
मीडिया रिपोर्ट्स और चर्चाओं के अनुसार, केंद्र और कुछ राज्य सरकारें जैसे महाराष्ट्र और दिल्ली की नई योजनाएं मिलकर राशन कार्ड धारकों को अतिरिक्त मदद देने की तैयारी में हैं.
1,000 रुपये प्रति माह: कई राज्यों में राशन कार्ड धारकों को हर महीने 1,000 रुपये की सीधी नकद सहायता देने का प्रस्ताव है ताकि वे दाल, तेल और दूध जैसी अन्य जरूरी चीजें भी खरीद सकें.
मुफ्त सिलेंडर का नकद लाभ: जैसा कि हमने पहले चर्चा की, दिल्ली सरकार सिलेंडर के पैसे (करीब 853 रुपये) भी डीबीटी (DBT) के जरिए नकद देगी.
क्या फ्री राशन बंद हो जाएगा?
नहीं. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत मिलने वाला फ्री राशन बंद नहीं हो रहा है. सरकार सिर्फ उन क्षेत्रों में नकद या e-RUPI का विकल्प दे रही है, जहां राशन दुकानों पर अनाज की गुणवत्ता या वितरण में समस्या है. लाभार्थी के पास विकल्प होगा कि वह अनाज लेना चाहता है या पैसे.
उत्तर प्रदेश में राशन बनाम कैश की स्थिति
उत्तर प्रदेश सरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए हाइब्रिड मॉडल अपनाने का फैसला किया है. यूपी में मुफ्त राशन (चावल और गेहूं) बंद नहीं किया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में घोषणा की है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त अनाज का वितरण जारी रहेगा.
नकद सहायता (Cash Benefit): यूपी सरकार महिला सशक्तिकरण के तहत परिवार की मुखिया महिला के खाते में 1,000 प्रति माह भेजने की तैयारी कर रही है जैसा कि मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना में है. यह पैसा अनाज के बदले नहीं, बल्कि अनाज के साथ अतिरिक्त सहायता के रूप में होगा.
e-RUPI का प्रयोग: लखनऊ और वाराणसी जैसे कुछ शहरों में प्रयोग के तौर पर राशन दुकानों पर e-RUPI वाउचर शुरू किए जा रहे हैं. इससे आप राशन दुकान से अपनी पसंद का सामान जैसे नमक, तेल, चीनी ले सकेंगे और पेमेंट सरकारी वाउचर से होगा.
यूपी में कौन है एलिजिबल?
उत्तर प्रदेश में राशन और नकद लाभ पाने के लिए नए स्टैंडर्ड कुछ इस प्रकार हैं:
आय सीमा: ग्रामीण क्षेत्रों में 2 लाख रुपये और शहरी क्षेत्रों जैसे गाजियाबाद में 3 लाख रुपये से कम सालाना आय वाले परिवार.
भूमि सीमा: ग्रामीण क्षेत्र में 2 हेक्टेयर से कम सिंचित भूमि.
वर्जित (Exclusions): अगर आपके पास 4-पहिया वाहन (कार/ट्रैक्टर), AC या 5 KVA से बड़ा जेनरेटर है, तो आप इस योजना के पात्र नहीं होंगे.
बैंक खाता: आपके पास एक सक्रिय बैंक खाता होना चाहिए जो आधार और मोबाइल नंबर से लिंक हो.
गाजियाबाद जैसे शहरी इलाकों में राशन वितरण को लेकर स्मार्ट राशन कार्ड और अन्नपूर्णा एटीएम (Annapurna ATM) लगाए जा रहे हैं. लोनी और साहिबाबाद जैसे क्षेत्रों में ये मशीनें लगाई गई हैं, जहां आप अपना राशन कार्ड स्वाइप करके या अंगूठा लगाकर सीधे अनाज निकाल सकते हैं. इससे कोटेदार की मनमानी खत्म हो जाती है.
सभी राशन कार्ड धारकों के लिए e-KYC करवाना अनिवार्य है. यदि आपने हाल ही में कोटेदार के पास जाकर अंगूठा नहीं लगाया है, तो आपका नाम लिस्ट से कट सकता है. उत्तर प्रदेश सरकार की नकद सहायता योजना का लाभ लेने के लिए अपना स्टेटस चेक कर लें.



