रायगढ़ के तमनार ब्लॉक के सरायपाली स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी की वजह से बच्चे खुद ही पढ़ाई करने को मजबूर हैं। मास्टरों की कमी के कारण अब बच्चों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है और घरवाले इस बात को लेकर प्रशासन से बहुत ज़्यादा नाराज़ हैं।
रायगढ़ जिले के सरायपाली माध्यमिक शाला का हाल इन दिनों बहुत खराब चल रहा है। तमनार ब्लॉक के इस स्कूल में बहुत से बच्चे पढ़ने आते हैं लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए मास्टरों की भारी कमी है। अब बच्चे खुद ही अपनी किताबों से सिर खपा रहे हैं और सेलफ स्टडी कर रहे हैं। घरवालों का कहना है कि उन्होंने कितनी बार बड़े अफसरों को अर्जी दी, पर अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसा लग रहा है जैसे प्रशासन इस ओर से आँखें मूँद कर बैठा है और उसे बच्चों की पढ़ाई की कोई फिकर नहीं है।
स्कूल में कहने को तो तीन टीचर हैं, पर उनमें से एक तो हमेशा संकुल के काम और एसआईआर (SIR) में ही फँसे रहते हैं। बाकी के दो मास्टर भी कभी ब्लॉक ऑफिस तो कभी जिला मुख्यालय के काम से बाहर ही रहते हैं। इस वजह से स्कूल में पढ़ाई पूरी तरह ठप पड़ गई है। बच्चे अब गणित, संस्कृत और सामाजिक विज्ञान जैसे कठिन विषयों को खुद ही पढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। पालकों का कहना है कि इस तरह तो बच्चों का पूरा साल ही बर्बाद हो जायेगा और उनकी मेहनत मिट्टी में मिल जायेगी।
झूठे दावों की खुली पोल
सरकार एक तरफ तो अच्छी शिक्षा के बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन सरायपाली स्कूल की ये तस्वीर उन दावों की हवा निकाल रही है। ग्रामीणों में अब प्रशासन के खिलाफ गहरा गुस्सा है। उनका साफ़ कहना है कि अगर जल्द ही स्कूल में रेगुलर और विषयवार टीचर नहीं भेजे गए, तो बच्चों का पूरा साल खराब हो जाएगा। बच्चों की पढ़ाई का जो नुकशान हो रहा है, उसकी भरपाई कौन करेगा? प्रशासन को इस गंभीर समसिया पर तुरंत ध्यान देना चाहिए वरना बच्चों का भविष्य अंधकार में डूब जायेगा।



