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चार श्रम संहिता के विरोध में सड़क पर उतरे संगठन, सरकार से वापसी की मांग

1001545882 चार श्रम संहिता के विरोध में सड़क पर उतरे संगठन, सरकार से वापसी की मांग

रायगढ़। केंद्रीय श्रम संगठनों के संयुक्त मंच के आह्वान पर 12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल के संदर्भ में ट्रेड यूनियन काउंसिल रायगढ़ के तत्वावधान में सत्ती गुड़ी चौक पर धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें चार श्रम संहिताओं के विरोध में जोरदार आवाज उठाई गई।

धरना-प्रदर्शन में बिलासपुर डिविजनल इंश्योरेंस एम्प्लॉइज एसोसिएशन, एम.आर. एसोसिएशन, किसान सभा, संयुक्त किसान मोर्चा, जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा, प्रगतिशील पेंशनर्स संघ, छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन, बीएसएनएल एम्प्लॉइज एसोसिएशन, बैंक कर्मचारी संघ (रिटायर्ड), इप्टा सहित विभिन्न जनसंगठनों की सक्रिय भागीदारी रही।

कार्यक्रम की शुरुआत गगनभेदी नारेबाजी के साथ हुई। इस दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा लागू चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स), श्रमिक विरोधी नीतियों, महंगाई, बेरोजगारी तथा कॉर्पोरेटपरस्त नीतियों के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। साथ ही, वर्तमान बजट में आम जनता, कर्मचारियों और किसानों की कथित उपेक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।

वक्ताओं ने कहा कि नए श्रम कानूनों से श्रमिकों के अधिकार कमजोर होने की आशंका है। स्थायी रोजगार की सुरक्षा घटेगी तथा निजीकरण और ठेका प्रथा को बढ़ावा मिलेगा, जिससे श्रमिक हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियां मजदूरों, किसानों, कर्मचारियों और मध्यम वर्ग के हितों के विपरीत प्रतीत होती हैं। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान बजट में सामाजिक सुरक्षा, सार्वजनिक क्षेत्र और रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी गई। साथ ही, ट्रेड बिल एवं कृषि संबंधी नीतियों के चलते किसानों को संभावित नुकसान की आशंका भी व्यक्त की गई।

वक्ताओं ने एक स्वर में मांग रखी कि चारों श्रम संहिताओं को वापस लिया जाए और प्रचलित श्रम कानूनों को यथावत बनाए रखा जाए। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगाने, कर्मचारियों एवं मजदूरों के लिए जॉब सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने, तथा किसानों के हितों की रक्षा करते हुए कृषि एवं व्यापार नीतियों में आवश्यक सुधार किए जाने की मांग भी की गई

धरना-प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी, मजदूर, किसान एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। संयुक्त संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने श्रमिकों, किसानों और कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।

कार्यक्रम का संचालन ट्रेड यूनियन काउंसिल के उपाध्यक्ष शेख कलीमुल्लाह ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन ट्रेड यूनियन काउंसिल रायगढ़ के सचिव श्याम जायसवाल द्वारा किया गया।