दंतेवाड़ा से माही सोनी बैलाडीला डिपॉजिट क्रमांक-04 तथा आरती स्पंज एवं पावर लिमिटेड किरंदुल से जुड़े कथित फर्जीवाड़े, अवैध खनन और ग्राम सभा में अनियमितताओं को लेकर प्रभावित क्षेत्रों के सरपंचों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि संबंधित कंपनी द्वारा बिना वास्तविक उत्खनन और भारी मशीनरी के उपयोग के, कागजों में लौह अयस्क उत्पादन और परिवहन दर्शाया जा रहा है। सरपंचों का कहना है कि खदान क्षेत्र में धरातल पर खनन गतिविधियां नजर नहीं आ रही हैं, जबकि अभिलेखों में भारी मात्रा में उत्पादन दर्ज किया जा रहा है।



सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आशंका जताई है कि अवैध स्रोतों से प्राप्त खनिज को वैध दर्शाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे शासन को रॉयल्टी और जिला खनिज न्यास (DMF) मद में भारी राजस्व हानि हो सकती है। ज्ञापन में खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) धारा , 1957 तथा खनिज नियमों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है। इसके अलावा बैलाडीला डिपॉजिट-04 में फर्जी ग्राम सभा, फर्जी जनसुनवाई और दस्तावेजों में हेरफेर कर खनन कार्य शुरू करने की तैयारी का आरोप लगाया गया है। सरपंचों का कहना है कि ग्राम सभाओं में रखी गई शर्तों और मांगों जैसे स्थानीय युवाओं को रोजगार, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य सुविधाएं और बुनियादी विकास कार्य को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।
जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित पक्षों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। सरपंचों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि बिना जनसहमति और ग्राम सभा की शर्तों को पूरा किए शुरू किया गया खनन कार्य क्षेत्र के पर्यावरण, जल स्रोतों और स्थानीय आजीविका के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
यदि मांगो पर जल्द कार्यवाही नही होती तो जल्द ही सभी पंचायतों के ग्रामीणों के साथ सड़क पर आकर आंदोलन कर हम अपना जल,जंगल, जमीन बचाएगे,हम सब आदिवासी एक होकर इस आंदोलन मे भाग लेगे।
इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनी शोरी, विमल सलाम, सुजीत कर्मा, सरपंच कारण तामो, और अन्य लोग
उपस्थित रहे।



