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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत एक साथ प्रदेशभर में 6414 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे

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रायगढ़ में 190 जोड़ों का भव्य सामूहिक विवाह, मुख्यमंत्री ने दिया आशीर्वाद

रायगढ़, । छत्तीसगढ़ के इतिहास में आज का दिन सामाजिक सरोकार और जनकल्याण की दृष्टि से एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत प्रदेशभर में एक साथ 6,414 जोड़ों ने विवाह कर अपने नए जीवन की मंगल शुरुआत की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखमय, समृद्ध और सफल दांपत्य जीवन की कामना की। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित अन्य मंत्रीगण उपस्थित रहे।

इसी क्रम में रायगढ़ जिले के शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में आयोजित भव्य सामूहिक विवाह समारोह में 190 जोड़े विधि-विधानपूर्वक वैवाहिक बंधन में बंधे। पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार, पारंपरिक रीति-रिवाजों और मांगलिक वातावरण से पूरा परिसर गूंज उठा। चारों ओर खुशी, उल्लास और नए सपनों की शुरुआत का दृश्य देखने को मिला।

रायगढ़ जिले में आयोजित इस सामूहिक विवाह समारोह का सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन पूरे प्रदेश के लिए गर्व और खुशी का विषय है, जब एक साथ इतनी बड़ी संख्या में विवाह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुए। उन्होंने कहा कि पहले गरीब और ग्रामीण परिवारों के लिए बेटी की शादी एक बड़ी चिंता होती थी, जिसके लिए कर्ज लेना या जमीन बेचनी पड़ती थी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन पूरे प्रदेश के लिए गर्व और खुशी का विषय है, जब एक साथ इतनी बड़ी संख्या में विवाह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुए। उन्होंने कहा कि पहले गरीब और ग्रामीण परिवारों के लिए बेटी की शादी एक बड़ी चिंता होती थी, जिसके लिए कर्ज लेना या जमीन बेचनी पड़ती थी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आमजन की भावनाओं को समझते हुए मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना की शुरुआत की, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिली। योजना की शुरुआत में प्रति जोड़े 5,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती थी, जो आज रजत जयंती वर्ष 2025 में बढ़कर 50,000 रुपये हो चुकी है।

कार्यक्रम के दौरान सभी नवविवाहित जोड़ों को 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया, ताकि वे आत्मसम्मान के साथ अपने नए जीवन की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केवल दो वर्षों के कार्यकाल में राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को धरातल पर उतारा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, किसानों को बकाया बोनस, महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक विवाहित महिलाओं को मासिक सहायता, तेंदूपत्ता संग्रहण दर में वृद्धि, रामलला दर्शन योजना, तीर्थ दर्शन योजना तथा भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक सहायता जैसे कई जनहितकारी निर्णय लिए गए हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का भी शुभारंभ किया, जिसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश के 8 जिलों से की गई है।