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छत्तीसगढ़ में मिला 2600 साल पुराना खजाना! आरंग की खुदाई ने बदला राज्य का इतिहास

1001500549 छत्तीसगढ़ में मिला 2600 साल पुराना खजाना! आरंग की खुदाई ने बदला राज्य का इतिहास

रायपुर (आरंग): छत्तीसगढ़ के इतिहास को लेकर अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रायपुर जिले के आरंग स्थित रीवा (रीवागढ़) में हुई पुरातात्विक खुदाई ने यह साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की सभ्यता उतनी ही पुरानी है जितनी कि गंगा घाटी की बुद्धकालीन सभ्यताएं। इस नई खोज के बाद अब छत्तीसगढ़ का इतिहास ईसा पूर्व 600 साल (6th Century BC) पीछे चला गया है, जिसने इतिहासकारों के बीच हलचल मचा दी है।

​पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य ने बताया कि रीवागढ़ में चल रहे उत्खनन में कुछ ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिन्होंने विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है। उन्होंने जानकारी दी कि खुदाई के दौरान जमीन की गहरी परतों से पुराने जले हुए कोयले के सैंपल मिले थे। जब इन सैंपल्स की अमेरिका (USA) में कार्बन डेटिंग जांच कराई गई, तो चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार ये नमूने करीब 2600 साल पुराने हैं, जो यह पुख्ता करते हैं कि उस दौर में भी छत्तीसगढ़ में एक व्यवस्थित मानव सभ्यता मौजूद थी।

​इस पूरी खुदाई की सबसे बड़ी सफलता यहाँ मिले 3000 तांबे के सिक्के हैं, जो कुषाण काल के बताए जा रहे हैं। इतनी बड़ी मात्रा में सिक्कों का एक ही जगह मिलना यह दर्शाता है कि आरंग का यह इलाका उस दौर में व्यापार और आर्थिक गतिविधियों का एक बहुत बड़ा केंद्र रहा होगा। इसके साथ ही जमीन के नीचे दबे हुए बुद्धकालीन स्तूप और प्राचीन कुएं भी मिले हैं, जो उस समय की उन्नत जीवनशैली और वास्तुकला की एक स्पष्ट झलक पेश करते हैं।

​विवेक आचार्य के मुताबिक अब तक छत्तीसगढ़ का लिखित इतिहास ईसा की दूसरी शताब्दी से माना जाता था, लेकिन इस खोज ने उसे करीब 800 साल और पीछे धकेल दिया है। आने वाले समय में जैसे-जैसे खुदाई और गहराई तक जाएगी, रामायण और महाभारत काल से जुड़े और भी पुख्ता सबूत मिलने की पूरी संभावना है। इस ऐतिहासिक खोज के बाद अब आरंग का रीवागढ़ दुनिया भर के इतिहासकारों और पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनेगा। सरकार की नई पर्यटन नीतियों के तहत अब इस पूरे क्षेत्र को एक बड़े इंटरनेशनल टूरिस्ट हब के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।