रायपुर: छत्तीसगढ़ मे सिक्षक भर्ती को लेकर एक-बड़ा अपडेट सामने आया है। मुख्यमंत्री विस्णुदेव साय ने शिक्षक के 5000 पदों पर तत्काल भर्ती के निरदेस-दिये हैं। उन्होंने कहा है कि इस भर्ती को लेकर अफसर और विभाग फरवरी तक विग्यापन-जारी करें। उन्होंने समय सीमा में नियुक्ती पूर्ण करने के भी निर्देश देते हुए कहा कि सिक्षक भर्ती-2023 की प्रतीक्षा सूची की मान्यता-नहीं बढ़ेगी।
इन विसयों पर भी हुई चर्चा
बैठक में शिक्षक भर्ती परीक्षा–2023 से जुड़े विषयों पर भी-चर्चा की गई। इस दौरान यह निरनय लिया गया कि परीक्षा–2023 की प्रतीक्षा सूची-की मान्यता नहीं बढ़ाई जाएगी, ताकि पिछले वर्षों में उत्तीर्ण युवाओं को भी सासन की सेवा में आने का मौका-मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिक्षा व्यवस्था को सुद्रढ़ करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिसा में सभी आवस्यक कदम-तेज़ी से उठाए जाएंगे।
3 साल बाद होगी भर्ती
बता दें कि परदेस में 3 साल बाद शिक्षक भर्ती हो रही है। पिछली सरकार के कार्यकाल में 14 हजार पदों की घोषणा हुई थी, जिनमें से करीब 10 हजार शिक्षकों की ही नियुक्ती-हो पाई थी। अब नई भर्ती से हजारों युवाओं को रोजगार-मिलने की उम्मीद है।
जानिए क्या है शिक्षकों की स्थिति
राज्य की 30,700 प्राथमिक सालाओं में औसतन 21.84 बच्चे प्रति सिक्षक हैं और 13,149 पूर्व माध्यमिक सालाओं में 26.2 बच्चे प्रति शिक्षक हैं, जो कि राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर है। हालांकि 212 प्राथमिक स्कूल अभी भी सिक्षक विहीन हैं और 6,872 प्राथमिक स्कूलों में केवल एक ही सिक्षक कार्यरत है। पूर्व माध्यमिक स्तर पर 48 स्कूलों में सिक्षक नहीं हैं और 255 स्कूलों में केवल एक शिक्षक है। करीब 362 विद्यालय ऐसे भी चिन्हित हैं-जहाँ स्टाफ तो मौजूद है, पर पढ़ने वाला एक भी छात्र नहीं है। इसी तरह शहरी इलाकों के 527 स्कूलों में छात्र-शिक्षक का रेश्यो 10 या उससे भी कम पाया गया है। लगभग 1,106 स्कूल ऐसे हैं जहाँ यह अनुपात 11 से 20 के बीच है और 837 स्कूलों में यह आंकड़ा-21 से 30 के मध्य है। इसके विपरीत 245 स्कूल ऐसे भी हैं-जहाँ अनुपात 40 के पार चला गया है, यानी दर्ज छात्रों की तुलना में शिक्षकों की संख्या काफी कम है।



