लैलूंगा–बाकारुमा मुख्य मार्ग के राजपुर क्षेत्र की वर्षों से बदहाल एवं जर्जर सड़क को लेकर क्षेत्रवासियों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया। सड़क की मरम्मत और निर्माण की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता *रवि भगत के नेतृत्व* में राजपुर बाजार के पास प्रस्तावित चक्का जाम आंदोलन शुरू होते ही प्रशासन हरकत में आ गया। आंदोलन स्थल पर पहुंचे लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर सड़क के गड्ढों की मरम्मत का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसके बाद जनहित को ध्यान में रखते हुए आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।
वर्षों से बदहाल सड़क बनी थी दुर्घटनाओं का कारण
राजपुर क्षेत्र की यह सड़क लंबे समय से बड़े-बड़े गड्ढों और जर्जर स्थिति के कारण लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। प्रतिदिन स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों, व्यापारियों तथा आम नागरिकों को इस मार्ग से गुजरने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बारिश के मौसम में सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। क्षेत्रवासी कई वर्षों से इस सड़क के निर्माण एवं मरम्मत की मांग कर रहे थे, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
पूर्व में दिया गया था ज्ञापन, नहीं हुई कार्रवाई तो आंदोलन का ऐलान
इस गंभीर समस्या को लेकर रवि भगत ने 7 जुलाई को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), लैलूंगा को ज्ञापन सौंपकर 11 जुलाई तक सड़क की मरम्मत शुरू कराने की मांग की थी। ज्ञापन में स्पष्ट उल्लेख किया गया था कि यदि निर्धारित समय तक निर्माण या मरम्मत कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, तो 12 जुलाई को राजपुर बाजार के पास चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा। समय सीमा समाप्त होने के बाद भी कार्य प्रारंभ नहीं होने पर क्षेत्रवासियों ने आंदोलन का निर्णय लिया।
आंदोलन शुरू होते ही प्रशासन ने दिया लिखित आश्वासन
रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा, महिलाएं एवं सामाजिक संगठनों के लोग आंदोलन स्थल पर पहुंचे। आंदोलन प्रारंभ होते ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से चर्चा की और लिखित रूप से जानकारी दी कि लैलूंगा से बाकारुमा तक लगभग 23 किलोमीटर सड़क का निर्माण एडीबी परियोजना के अंतर्गत किया जा रहा है, लेकिन राजपुर का लगभग 600 मीटर हिस्सा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण नहीं होने के कारण उस परियोजना में शामिल नहीं हो पाया। लिखित आश्वासन में लोक निर्माण विभाग ने
एक लाइन लिखी है कि जिसमें निर्विवाद स्थल प्राप्त होने पर कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। इस कथन के अनुसार कार्य प्रारंभ होने में लेट लथिप करने पर पुनः उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रशासन भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा के विषय पर गंभीरता से समाधान की दिशा में काम करें।
अधिकारियों ने बताया कि अब इस हिस्से के निर्माण के लिए जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ मद से लगभग 132.56 लाख रुपये की राशि स्वीकृत कर दी गई है तथा निर्माण एजेंसी भी निर्धारित कर दी गई है। आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएं जारी हैं और फिलहाल आम जनता की सुविधा को देखते हुए एक सप्ताह के भीतर गड्ढों की मरम्मत एवं सड़क को आवागमन योग्य बनाने का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
तेरहवीं में आंदोलन की शुरुआत, लेकिन चेतावनी की चेतावनी
लिखित आश्वासन मिलने के बाद आंदोलनकारियों ने जनता की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए चक्का जाम आंदोलन को स्थगित कर दिया। हालांकि रवि भगत ने स्पष्ट कहा कि यदि प्रशासन निर्धारित समय के भीतर अपने आश्वासन का पालन नहीं करता है, तो क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर पुनः व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
क्षेत्रवासियों के सहयोग के लिए रवि भगत ने जताया आभार
आंदोलन के बाद *रवि भगत* ने क्षेत्र के सभी ग्रामीणों, युवाओं, माताओं-बहनों, वरिष्ठ नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं जनहित में साथ खड़े प्रत्येक नागरिक का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति का आंदोलन नहीं था, बल्कि पूरे क्षेत्र की जनता की आवाज थी।
उन्होंने कहा
आप सभी के सहयोग, एकजुटता और जनहित के प्रति समर्पण के कारण ही प्रशासन को इस गंभीर समस्या पर तत्काल संज्ञान लेना पड़ा। मैं सभी ग्रामवासियों, युवा साथियों, माताओं-बहनों, वरिष्ठजनों तथा आंदोलन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले प्रत्येक नागरिक का हृदय से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करता हूँ। आशा है कि आगे भी क्षेत्र के विकास और जनहित के हर मुद्दे पर हम सभी इसी प्रकार एकजुट रहेंगे।
प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है कि वर्षों से लंबित इस सड़क समस्या का अब स्थायी समाधान होगा। लोगों का कहना है कि यदि निर्धारित समय पर कार्य शुरू हो जाता है तो हजारों नागरिकों को राहत मिलेगी और आवागमन सुरक्षित एवं सुगम हो सकेगा।



