बाकारूमा से लैलूंगा जाने वाले रास्ते पर राजपुर बाजार के पास सड़क बहुत ज्यादा खराब है। इससे परेशान होकर आज गाँव के लोगों ने मिलकर वहाँ चक्काजाम कर दिया। लोगों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और कहा कि इस खराब सड़क को तुरंत सुधारा जाए।
वहाँ मौजूद आदिवासी नेता रवि भगत ने बताया कि राजपुर बाजार के पास सड़क काफी समय से खराब पड़ी है। यहाँ बड़े-बड़े गड्ढे होने की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं और लोगों की जान का खतरा बना रहता है। हाल ही में बीजेपी से इस्तीफा दे चुके आदिवासी नेता रवि भगत ने यह भी मांग रखी कि जिन लोगों की जमीन इस सड़क में आई है, उन्हें उनका मुआवजा जल्दी दिया जाए, क्योंकि मुआवजा न मिलने की वजह से ही यह सड़क इतने दिनों से अधूरी और खराब पड़ी है।
चक्काजाम की खबर मिलते ही PWD विभाग के बड़े बाबू SDO मौके पर पहुंचे और उन्होंने लोगों को समझाने के बाद एक लिखित कागज दिया। PWD अधिकारी ने अपने बयान और पत्र में साफ बताया कि यह पूरी सड़क 23 किलोमीटर लंबी है, जो पहले एशियन डेवलपमेंट बैंक ADB के तहत बनी थी। लेकिन राजपुर गांव का सिर्फ 600 मीटर का हिस्सा मुआवजा न बटने और जमीन मालिक की आपत्ति की वजह से अधूरा रह गया था। उन्होंने बताया कि अब मुआवजे का पैसा अधिकारी के खाते में आ गया है और इसे बांटना भी शुरू कर दिया गया है।

अधिकारी ने आगे बताया कि इस 600 मीटर के टुकड़े के लिए अब जिला प्रशासन ने डीएमएफ DMF फंड से 1 करोड़ 32 लाख 56 हजार रुपये की मंजूरी दे दी है, जिसके ठेके टेंडर का काम अभी चल रहा है। उन्होंने लोगों और आदिवासी नेता रवि भगत को लिखित में भरोसा दिया कि बारिश में आने-जाने की दिक्कत को देखते हुए, अगले एक हफ्ते के भीतर जैसे ही जगह का कब्जा मिलेगा, यहाँ तुरंत गिट्टी-मिट्टी डालकर मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा ताकि गाड़ियां चल सकें। इसके बाद जैसे ही बारिश खत्म होगी, यहाँ पक्की सड़क बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारी के इस लिखित वादे के बाद लोगों ने चक्काजाम हटा दिया और रास्ते पर गाड़ियां फिर से चलने लगीं।



