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लैलूंगा बाकारुमा मार्ग की बदहाली से लगा लंबा जाम सड़क सुधार के लिए 12 जुलाई को चक्काजाम की चेतावनी?

1002084038 scaled लैलूंगा बाकारुमा मार्ग की बदहाली से लगा लंबा जाम सड़क सुधार के लिए 12 जुलाई को चक्काजाम की चेतावनी?

रायगढ़/लैलूंगा। रायगढ़ जिले के लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र से गुजरने वाली मुख्य लैलूंगा-बाकारुमा सड़क इस समय लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी है। मानसून की शुरुआती बारिश होते ही राजपुर बाजार के पास सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि यह पूरा रास्ता कीचड़ और दलदल में बदल गया है। भारी ट्रकों के पहिए लगातार कीचड़ में धंस रहे हैं, वहीं बाइक सवार भी जान जोखिम में डालकर जैसे-तैसे निकलने को मजबूर हैं। हालात इतने खराब हैं कि अब लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।

शुक्रवार की रात स्थिति उस समय और बिगड़ गई, जब राजपुर बाजार में बस स्टैंड से लेकर मंडी तक गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। स्थानीय निवासी कन्हैया दास महंत ने रात करीब नौ बजे मौके से एक वीडियो जारी कर जमीनी हकीकत दिखाई। इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि ट्रकों और यात्री बसों के पहिए पूरी तरह थम चुके थे। भारी उमस और अंधेरे के बीच लोग घंटों तक इस जाम में फंसे रहे, जिससे उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी।

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आपको बता दें कि यह मार्ग सिर्फ ग्रामीणों के आने-जाने के लिए नहीं है, बल्कि तमनार और लैलूंगा के औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण रास्ता है। इस रास्ते से हर दिन सैकड़ों मालवाहक गाड़ियां, बसें, किसान, व्यापारी और स्कूली बच्चे गुजरते हैं। चूंकि अभी बरसात की सिर्फ शुरुआत हुई है और पूरा सीजन बाकी है, इसलिए सड़क के इस हाल ने इलाके के लोगों की चिंता बहुत ज्यादा बढ़ा दी है।

सड़क की इस दुर्दशा को लेकर अब युवा आदिवासी नेता और पूर्व भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने मोर्चा खोल दिया है। राजपुर बाजार से जारी अपने वीडियो संदेश में उन्होंने प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई। रवि भगत ने कहा कि पिछले कई सालों से यह सड़क लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। जब भी सड़क बनाने की मांग की जाती है, तो अधिकारी कभी जमीन के मुआवजे का तो कभी कोर्ट-कचहरी के मामलों का बहाना बना देते हैं। उन्होंने साफ कहा कि आम जनता को इन कागजी बहानों से कोई मतलब नहीं है, लोगों को सिर्फ इतनी जरूरत है कि उन्हें चलने लायक एक सुरक्षित सड़क मिले।

शुक्रवार रात को लगे जाम का जिक्र करते हुए रवि भगत ने पूछा कि अगर देर रात इस कीचड़ और जाम के बीच कोई एंबुलेंस फंस जाए और किसी मरीज की जान चली जाए, या किसी छात्र का पेपर छूट जाए, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या पीडब्ल्यूडी विभाग या जिला प्रशासन इसकी जिम्मेदारी उठाएगा? उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी कई बार अधिकारियों को ज्ञापन देकर सड़क ठीक करने की मांग की जा चुकी है, लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं हुआ।

प्रशासन की तरफ से कोई ठोस पहल न होते देख, अब इलाके के लोगों ने आंदोलन की तैयारी कर ली है। रवि भगत ने सोशल मीडिया के जरिए क्षेत्र के युवाओं, किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों से एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने सड़क सुधार की मांग को लेकर 12 जुलाई को होने वाले चक्काजाम में ज्यादा से ज्यादा संख्या में जुटने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि जब तक जनता अपनी आवाज बुलंद नहीं करेगी, तब तक प्रशासन इस समस्या का हल नहीं निकालेगा।