एमसीबी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के निर्देशन में उप जेल मनेन्द्रगढ़ में बंदियों के लिए विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य बंदियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच, संक्रामक एवं गैर-संचारी रोगों की पहचान तथा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराना था। यह शिविर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जारी आदेशानुसार गठित स्वास्थ्य दल द्वारा संपन्न किया गया।
शिविर के दौरान कुल 94 बंदियों की स्वास्थ्य जांच एवं स्क्रीनिंग की गई। इस अवसर पर बंदियों की एचआईवी, एचबीएसएजी, एचसीवी एवं वीडीआरएल संबंधी जांच भी की गई। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान 10 बंदियों में उच्च रक्तचाप (बीपी 140/90 या उससे अधिक) तथा एक बंदी में मधुमेह (आरबीएस 200 मि.ग्रा./डेसीलीटर या उससे अधिक) की पहचान की गई। इसके अतिरिक्त सभी 94 बंदियों का नेत्र परीक्षण किया गया, जिसमें 26 बंदियों में विभिन्न नेत्र रोग एवं दृष्टि संबंधी समस्याएं चिन्हांकित की गईं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा चिन्हित सभी बंदियों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया। साथ ही उनके समुचित उपचार एवं अनुवर्ती देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है, ताकि समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
शिविर में मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. रोकेश कुमार सिंह, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. भाषिता साहू एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. कमल वर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। स्वास्थ्य दल में स्टाफ नर्स, नेत्र सहायक, आईसीटीसी काउंसलर, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट एवं अन्य सहयोगी कर्मचारी भी शामिल रहे, जिन्होंने जांच और परामर्श कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि जेलों में नियमित स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से बंदियों के स्वास्थ्य की सतत निगरानी की जा रही है। इससे रोगों की समय पर पहचान, उपचार तथा आवश्यकता पड़ने पर रेफरल की सुविधा सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग भविष्य में भी इस प्रकार के विशेष शिविरों का आयोजन करता रहेगा, ताकि बंदियों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।



