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छत्तीसगढ़ में DMF फंड की गड़बड़ी पर केंद्र का कड़ा रुख, ननकीराम कंवर की शिकायत पर मुख्य सचिव को देना होगा जवाब!”

17689233357127E2 छत्तीसगढ़ में DMF फंड की गड़बड़ी पर केंद्र का कड़ा रुख, ननकीराम कंवर की शिकायत पर मुख्य सचिव को देना होगा जवाब!"

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के समय हुए DMF फंड की गड़बड़ी पर अब केंद्र सरकार का कड़ा रुख देखने को मिल रहा है। इस मामले में पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता ननकीराम कंवर की शिकायत पर मुख्य सचिव को जवाब देना होगा। दरअसल, ननकीराम कंवर ने इस पूरे मामले को लेकर केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। केंद्र सरकार ने पत्र पर संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन विकासशील को पत्र लिखा है और पत्र में लिखे गए तथ्यों के संबंध में जवाब मांगा है। साथ ही आवेदक को भी अवगत कराने की बात कही है।

image 17 1 2 1 छत्तीसगढ़ में DMF फंड की गड़बड़ी पर केंद्र का कड़ा रुख, ननकीराम कंवर की शिकायत पर मुख्य सचिव को देना होगा जवाब!"

अमरजीत भगत बोले – ननकीराम को महत्व नहीं देती बीजेपी

इस मामले में सियासत भी शुरू हो गई है। पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता अमरजीत भगत ने कहा है कि बीजेपी ननकी राम कंवर को महत्व नहीं देती। BJP बुजुर्गों को म्यूजियम में रख देती है। ननकी राम दादा को समझ लेना चाहिए भाजपा उनकी नहीं रही। यह बीजेपी की पुरानी रणनीति है, अचंभित होने की बात नहीं है।

पुरंदर मिश्रा ने कहा – हर घोटाले की होगी जांच

वहीं इस मामले में BJP विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा, ननकीराम कंवर वरिष्ठ नेता हैं। भ्रस्टाचार उजागर कर रहे हैं। कांग्रेस सरकार में हुए DMF घोटाले की शिकायत किए हैं। जीरो टालरेंस की सरकार है। हर घोटाले की जांच होगी। कांग्रेसी बेचैन हैं, क्योंकि उनके जमाने के कारनामे हैं।

जानिए पूरा मामला

दरसअल, ननकी राम कंवर ने शिकायत की थी कि दर्री ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक परसाभाटा बालको तक की सड़क के लिए तत्कालीन कलेक्टर अजीत बसंत ने बालको को निजी फायदे के लिए डीएमएफ फंड से लगभग 26 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे। उनके अनुसार, यह सड़क बालको की है और इसका निर्माण-मरम्मत बालको के सीएसआर फंड से होना चाहिए था। इस मामले में केंद्र सरकार ने पहले भी मुख्य सचिव विकास शील को पत्र जारी किया था। पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने आरोप लगाया है कि तत्कालीन कलेक्टर को भारत सरकार में शिकायत होने की जानकारी मिलते ही उन्होंने अपने ट्रांसफर से पहले ही लोक निर्माण विभाग को आनन-फानन में टेंडर प्रक्रिया जारी कर दी थी।